सालभर हरा चारा, पशु रहेंगे तंदुरुस्त और दूध बहेगा दुगना! जानिए उन्नत चारे की खेती और सरकारी सब्सिडी
किसान भाइयों, राम-राम!
पशुपालन और खेती हमारे जीवन के दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं। लेकिन आज के समय में पशुओं को पालने में सबसे बड़ी समस्या आती है—
इस समस्या का एकमात्र और सबसे सस्ता समाधान है—
आइए जानते हैं कि हम अपने खेतों में किस मौसम में कौन सा चारा उगाकर साल के 365 दिन हरे चारे का इंतजाम कर सकते हैं और इस पर सरकार से क्या मदद ले सकते हैं।
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1. मौसम के अनुसार हरे चारे की उन्नत फसलें
एक सफल डेयरी फार्मर बनने के लिए साल के 12 महीने हरे चारे की उपलब्धता जरूरी है। इसके लिए आप मौसम के अनुसार इन फसलों का चयन कर सकते हैं:
क) सर्दियों का वरदान (अक्टूबर से मार्च)
सर्दियों के मौसम में आपके पास चारे के सबसे बेहतरीन विकल्प होते हैं, जो पशुओं के शरीर में पोषण बनाए रखते हैं:• बरसीम (चारे का राजा): यह सर्दियों का सबसे लोकप्रिय चारा है। इसे बोने के बाद आप 4 से 5 बार कटाई कर सकते हैं। यह दूध देने वाले पशुओं के लिए अमृत समान है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।
ख) गर्मी और बरसात का सहारा (अप्रैल से सितंबर)
गर्मियों में जब सूखा पड़ता है, तब हरे चारे की किल्लत सबसे ज्यादा होती है। ऐसे समय में ये फसलें काम आती हैं:• मक्का: गर्मियों में दुधारू पशुओं के लिए मक्का से अच्छा कुछ नहीं। मक्का का चारा खाने से पशुओं के दूध में फैट (मलाई) बढ़ता है।
ग) हर साल की झंझट खत्म: 'सुपर नेपियर घास'
अगर आप हर मौसम में बार-बार बुआई, जुताई और बीज के खर्चे से बचना चाहते हैं, तो अपने खेत के एक हिस्से या मेड़ पर सुपर नेपियर घास लगा दें।
• इसकी खासियत यह है कि इसे एक बार लगाने के बाद यह 4 से 5 साल तक लगातार बढ़ती रहती है।इसकी कटाई हर 45 से 50 दिनों में की जा सकती है। यह बहुत तेजी से फैलती है और इसमें वजन बहुत ज्यादा निकलता है।
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2. हरे चारे की खेती और बिजनेस पर सरकारी सब्सिडी (Government Subsidy)
भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा किसानों को हरे चारे की खेती और इसके बिजनेस (मूल्य संवर्धन) पर भारी अनुदान (Subsidy) दिया जा रहा है। आप राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत इसका लाभ उठा सकते हैं:क) चारे की मशीनरी और यूनिट्स पर 50% सब्सिडी
यदि कोई किसान, उद्यमी या स्वयं सहायता समूह (SHG) चारे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाली यूनिट लगाता है, तो सरकार 50% तक कैपिटल सब्सिडी देती है:• साइलेज मेकिंग यूनिट (Silage Unit): हरा चारा सुरक्षित रखने के लिए, अधिकतम ₹50 लाख तक की सब्सिडी।
ख) उन्नत बीजों पर 60% से 75% तक की छूट
• सीड विलेज प्रोग्राम: इस योजना के तहत किसानों को अनाज और चारा फसलों के उन्नत व प्रमाणित बीजों पर 60% तक की सब्सिडी दी जाती है।ग) कृषि यंत्रों और सिंचाई पर सहायता
• चैफ कटर (कुट्टी काटने की मशीन): हाथ से चलने वाले या बिजली वाले चैफ कटर (कुट्टी मशीन) पर 40% से 50% तक की सब्सिडी मिलती है।पाइप और स्प्रिंकलर (सिंचाई): प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत चारे की फसलों में पानी के छिड़काव (Fountain/Sprinkler system) के लिए 60% से 80% तक का अनुदान मिलता है।───
3. किसान भाइयों के लिए कमाई बढ़ाने वाले 3 गुरुमंत्र
1. मिक्स करके बोएं: खेत में सिर्फ ज्वार या मक्का न बोएं। हमेशा अनाज वाले चारे के साथ थोड़ा दलहनी चारा (जैसे लोबिया या बरसीम) मिलाकर बोएं। इससे पशु का पेट भी साफ रहेगा और दूध भी बढ़ेगा।निष्कर्ष
किसान भाइयों, केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय अपने खेत के एक छोटे से हिस्से में उन्नत चारे की खेती शुरू करें। सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाकर आप अपनी लागत को आधा कर सकते हैं। अच्छा चारा खाकर जब आपकी गाय-भैंस खुश रहेंगी, तो आपका डेयरी का मुनाफा अपने आप दोगुना हो जाएगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: हरे चारे की कटाई का सबसे सही समय क्या है?जवाब: हरे चारे की कटाई हमेशा फसल पर 50% फूल आने की अवस्था (फूल आने से ठीक पहले) पर करनी चाहिए। इस समय चारे में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व सबसे अधिक मात्रा में होते हैं, और रेशा (फाइबर) कम होता है, जिससे यह पशुओं के लिए बेहद पाचक होता है।
सवाल 2: सुपर नेपियर घास की बुआई का सबसे अच्छा महीना कौन सा है?
जवाब: सुपर नेपियर घास की बुआई के लिए फरवरी से जुलाई का महीना सबसे उत्तम माना जाता है। तेज ठंड के दिनों (दिसंबर-जनवरी) में इसे लगाने से बचना चाहिए क्योंकि उस समय इसकी ग्रोथ रुक जाती है।
सवाल 3: राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत चारे की मशीनरी पर सब्सिडी के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
जवाब: इस योजना के तहत व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), संयुक्त देयता समूह (JLG) और कृषि से जुड़े उद्यमी ऑनलाइन पोर्टल nlm.udyamimitra.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं [dahd.gov.in]।
जवाब: पशुओं के संतुलित आहार के लिए हमेशा 3 भाग अनाज वाले चारे (जैसे मक्का या ज्वार) के साथ 1 भाग दलहनी चारे (जैसे लोबिया या बरसीम) को मिलाकर खिलाना चाहिए। इससे पशुओं को कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन दोनों सही मात्रा में मिलते हैं।
जवाब: हरे चारे को गड्ढे या साइलो पिट में दबाने के बाद यह 45 से 50 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाता है। यदि हवा और पानी से इसे अच्छी तरह बचाकर रखा जाए, तो यह साइलेज 2 से 3 साल तक सुरक्षित रहता है और खराब नहीं होता।































